कल का पंचांग 2023 का कैलेंडर – Kal Ka Panchang in Hindi 2023

क्या आपको कल या आसान शब्दों में कहे तो, आने वाले कल का पंचांग पता है। अगर नही तो टेंशन ना ले यह पर हम आपको  kal ka panchang के बारे में सब कुछ बताने वाले है। वो भी हिंदी भाषा में।

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और हाँ, ये तो हम आपको बताना ही भूल गए की ये पंचांग इस महीने का होगा यानी नवंबर का जिसे हम हिंदू पंचांग में कार्तिक मास भी कहते है।

Kal Ka Panchang in Hindi

जैसा की हमने पहले ही कहा था कि अभी वर्तमान में चल रहा महीना नवंबर है जिसे कार्तिक के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग में। “इस माह में 1 पूर्णिमा और 1 अमावस्या है।”

अगर आप कल के पंचांग के बारे में सब कुछ जानना चाहते है। तो आपको नीचे दिए गए सारणी पर नजर डालनी होगी। जो कुछ इस प्रकार से है।

नवंबर 2023 (हिन्दू पंचांग)
अंग्रेजी तिथिहिन्दू तिथिवारहिन्दू महीनापक्षकरणनक्षत्रयोग
1 नवंबरचतुर्थीबुधवारकार्तिककृष्ण पक्षबालवमॄगशिराशिव
2 नवंबरपञ्चमीगुरुवारकार्तिककृष्ण पक्षतैतिलआर्द्रासिद्ध
3 नवंबरषष्ठीशुक्रवारकार्तिककृष्ण पक्षवणिजपुनर्वसुसाध्य
4 नवंबरसप्तमीशनिवारकार्तिककृष्ण पक्षबवपुष्यशुभ
5 नवंबरअष्टमीरविवारकार्तिककृष्ण पक्षकौलवअश्लेशाशुक्ल
6 नवंबरनवमीसोमवारकार्तिककृष्ण पक्षगरमघाब्रह्म
7 नवंबरदशमीमंगलवारकार्तिककृष्ण पक्षविष्टिपूर्वाफाल्गुनीइन्द्र
8 नवंबरएकादशीबुधवारकार्तिककृष्ण पक्षबवउत्तराफाल्गुनीवैधृति
9 नवंबरद्वादशीगुरुवारकार्तिककृष्ण पक्षकौलवउत्तराफाल्गुनीविष्कम्भ
10 नवंबरत्रयोदशीशुक्रवारकार्तिककृष्ण पक्षगरहस्तप्रीति
11 नवंबरचतुर्दशीशनिवारकार्तिककृष्ण पक्षविष्टिचित्राआयुष्मान्
12 नवंबरअमावस्यारविवारकार्तिककृष्ण पक्षचतुष्पादस्वातीसौभाग्य
13 नवंबरप्रतिपदासोमवारकार्तिकशुक्ल पक्षकिंस्तुघ्नविशाखाशोभन
14 नवंबरद्वितीयामंगलवारकार्तिकशुक्ल पक्षबालवअनुराधाअतिगण्ड
15 नवंबरतृतीयाबुधवारकार्तिकशुक्ल पक्षतैतिलज्येष्ठासुकर्मा
16 नवंबरचतुर्थीगुरुवारकार्तिकशुक्ल पक्षवणिजमूलधृति
17 नवंबरपञ्चमीशुक्रवारकार्तिकशुक्ल पक्षबवपूर्वाषाढाशूल
18 नवंबरषष्ठीशनिवारकार्तिकशुक्ल पक्षकौलवउत्तराषाढागण्ड
19 नवंबरसप्तमीरविवारकार्तिकशुक्ल पक्षवणिजश्रवणवृद्धि
20 नवंबरअष्टमीसोमवारकार्तिकशुक्ल पक्षव्याघातधनिष्ठाध्रुव
21 नवंबरनवमीमंगलवारकार्तिकशुक्ल पक्षकौलवपूर्वहर्षण
22 नवंबरदशमीबुधवारकार्तिकशुक्ल पक्षगरउत्तरवज्र
23 नवंबरएकादशीगुरुवारकार्तिकशुक्ल पक्षसिद्धिद्वादशीरेवती
24 नवंबरत्रयोदशीशुक्रवारकार्तिकशुक्ल पक्षकौलवअश्विनीव्यतीपात
25 नवंबरचतुर्दशीशनिवारकार्तिकशुक्ल पक्षगरभरणीवरीयान्
26 नवंबरपूर्णिमारविवारकार्तिकशुक्ल पक्षविष्टिकृत्तिकापरिघ
27 नवंबरप्रतिपदासोमवारमार्गशीर्षकृष्ण पक्षबालवरोहिणीशिव
28 नवंबरद्वितीयामंगलवारमार्गशीर्षकृष्ण पक्षतैतिलमॄगशिरासिद्ध
29 नवंबरतृतीयाबुधवारमार्गशीर्षकृष्ण पक्षशुभआर्द्रासाध्य
30 नवंबरचतुर्थीगुरुवारमार्गशीर्षकृष्ण पक्षबवपुनर्वसुशुक्ल

अगर आप पंचांग के समझना चाहते है। तो, इसके लिया सबसे पहले आपको  नक्षत्र, तिथि, वार, कारण और योग को समझना होगा। क्योंकि ये पांच चीजे ही नक्षत्र के पांच बहुमूल्य अंग होती है।

नक्षत्र

चलिए सबसे पहले नक्षत्र को समझते है।

हमारे ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्र 27-28 तरह के होते है। वैसे अगर हम इनके नाम बताने लगे तो ये बहुत लंबी हो जाएगी। इसलिए हम आपको नक्षत्रों की लिस्ट दे रहे है। जो कुछ इस प्रकार से है।

संख्या नक्षत्रों के नाम
1अश्विनी
2भरणी
3कृत्तिका
4रोहिणी
5मृगशीर्ष
6आर्द्रा
7पुनर्वसु
8पुष्य
9आश्ळेषा/आश्लेषा
10मघा
11पूर्व फाल्गुनी
12उत्तर फाल्गुनी
13हस्त
14चित्रा
15स्वाति
16विशाखा
17अनुराधा
18ज्येष्ठा
19मूल
20पूर्व आषाढा
21उत्तर आषाढा
22श्रवण
23श्रविष्ठा/धनिष्ठा
24शतभिष/शततारका
25पूर्व भाद्रपदा/पूर्व प्रोष्ठपदा
26उत्तर भाद्रपदा/उत्तर प्रोष्ठपदा
27रेवती
28अभिजित

तिथि

चलिए अब तिथि को समझते है।

तिथि को समझने से पहले हमे पक्ष को समझना होगा। पक्ष दो तरह के होते है। पहला कृष्ण पक्ष तो दूसरा शुक्ल पक्ष

कृष्ण पक्ष में चांद घटते जाता है। तो शुक्ल पक्ष में चांद बढ़ते चला जाता है।

घटते जाता से मतलब चांद की रोशनी कम होती जाती है और अंत में पूरी तरह से कम हो जाती है। जिसे हम अमावस्या के नाम से भी जानते है। इस दिन चांद आकाश में दिखता ही नहीं है।

बढ़ते जाता से मलताब चांद की रोशनी ज्यादा होती जाती है। और अंत में चांद पूरी तरह से जगमगा उठता है। जिसे हम पूर्णिमा के नाम से भी जानते है। इस दिन चांद आकाश में जगमगा उठता है।

ये दोनो पक्ष हर महीने दो बार आते है। व इसके अलावा ये पक्ष 15-15 दिन के होते है। 

अगर कृष्ण पक्ष चल रहा है तो उसके पहले दिन को कृष्ण पक्ष प्रतिपदा और अंतिम दिन को अमावस्या बोला जाता है।

जब शुक्ल पक्ष चल रहा है। तो उसके पहले दिन को शुक्ल पक्ष प्रतिपदा और अंतिम दिन को पूर्णिमा बोला जाता है।

वर

अब वर पर एक नजर डालते है।

वार के बारे में तो हम सभी जानते ही है। की ये 7 तरह के होते है। रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार

कारण

किसी तिथि के आधे हिस्से को कारण कहा जाता है। तो हम कह सकते है की एक तिथि में दो कारण होते है। इस प्रकार एक महीने में 60 कारण होंगे। क्योंकि एक महीने में अधिकतम दिन 30 ही होते है। कुछ-कुछ में 31

योग

देखा जाए तो योग 27 तरह के होते है। पर अलग-अलग पंचांगों में इनकी संख्या अलग-अलग देखने को मिलती है। यह ग्रहों के प्रभाव के बारे बताता है।

कल का पंचांग इन हिंदी 2023 के कुछ प्रश्न और उत्तर

  • कल का पंचांग क्या है?

    कल के पंचांग के बारे में हमने ऊपर टेबल में पूरी जानकारी दी है।

  • कल के पंचांग का पक्ष क्या है?

    कल कृष्ण पक्ष है या शुक्ल पक्ष इसके लिए आपको टेबल को देखना पड़ेगा। जो कि ऊपर है।

  • कल के पंचांग का नक्षत्र क्या है?

    पिछले प्रश्न के जवाब को तरह इसके लिए भी आपको ऊपर टेबल में देखना पड़ेगा।

  • कल के पंचांग का योग क्या है?

    अगर आप कल के पंचांग का योग जानना चाहते है। तो आपको एक बार टेबल देखना पड़ेगा। या लेख पढ़ना पड़ेगा। जो कि ऊपर है।

निष्कर्ष

मैं उम्मीद करता हूं की आपको आसान भाषा में समझ आ गया होगा की “कल का पंचांग क्या है?”, “tomorrow panchang in hindi” और इसके अलावा भी, आपको कल के नक्षत्र, योग आदि के बारे में पता चल गया होगा।

वैसे क्या आप kal ka panchang in hindi 2022 या कल का पंचांग 2022 के थोड़ा बहुत जानते है।

आप चाहे तो इस लेख को अपने दोस्तों या परिवार के साथ शेयर भी कर सकते है। तो चलिए किसी और लेख में मिलते है आपसे तब तक के लिए अलविदा

और एक बार फिर से आप इस लेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद!!!! 🤗

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